हापुड़।
जनपद की तीनों तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। गढ़मुक्तेश्वर तहसील में जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया, जहां लोगों ने घरेलू हिंसा, जमीन विवाद, राजस्व और पुलिस संबंधी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
गढ़मुक्तेश्वर तहसील में कुल 58 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार तहसील दिवस में आने वाली प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि सरकार की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। तहसील दिवस जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका निस्तारण तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जाए।
इसी क्रम में धौलाना तहसील में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी द्वारा की गई। यहां कुल 30 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया गया। वहीं तहसील हापुड़ में कुल 46 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 5 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया।
जनपद की तीनों तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 134 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 15 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया। इस दौरान राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत और चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे और शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीएम कविता मीना ने बताया “संपूर्ण समाधान दिवस शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि जनता की समस्याओं का समाधान पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से हो। आज गढ़मुक्तेश्वर तहसील में प्राप्त शिकायतों में अधिकांश मामले राजस्व, घरेलू विवाद और भूमि संबंधी थे, जिनका गंभीरता से परीक्षण कराया गया है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तहसील दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता को न्याय दिलाने का प्रभावी मंच है। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”
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