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सिखैड़ा ट्रॉमा सेंटर में संसाधन मौजूद, पर तकनीकी स्टाफ न होने से इलाज बाधित


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

हाईवे-09 पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिखैड़ा में बनाए गए ट्रॉमा सेंटर की सेवाएं अभी पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस केंद्र में आवश्यक जांच उपकरण लगाए जा चुके हैं, लेकिन तकनीकी कर्मियों की तैनाती न होने के कारण गंभीर मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग को केंद्र का जिम्मा सौंपे जाने के बावजूद फिलहाल यहां केवल सामान्य जांच की सुविधा ही उपलब्ध है। एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण मशीनें मौजूद हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियन नहीं मिलने से ये उपयोग में नहीं आ रही हैं। ऐसे में दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजना मजबूरी बन गया है।

जिले के सरकारी अस्पतालों में भी जटिल मामलों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मरीजों को अक्सर रेफर किया जाता है, जिससे परिजनों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है और आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए हाईवे के समीप ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की गई थी।

निर्माण एजेंसी द्वारा केंद्र को हैंडओवर किए जाने के बाद भी स्वीकृत पदों के अनुरूप स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्तमान में जिले में पहले से तैनात दो चिकित्सकों को यहां कार्यभार सौंपा गया है, जिससे केवल ओपीडी सेवाएं संचालित हो रही हैं। गंभीर घायल मरीज आने की स्थिति में उन्हें समुचित उपचार उपलब्ध नहीं हो पाता।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार त्यागी के अनुसार, स्टाफ की कमी को लेकर लखनऊ स्थित मुख्यालय को कई बार अवगत कराया गया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इस विषय को रखा गया है और आवश्यक तैनाती मुख्यालय स्तर से की जानी है।