हापुड़।
बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर कथित अत्याचार और पटना में छात्रा से जुड़े विवादित प्रकरण के विरोध में सोमवार को हापुड़ में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते समय कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंकने का प्रयास किया, जिसे हापुड़ नगर पुलिस ने मौके पर ही विफल कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान जैसे ही कार्यकर्ता नीतीश कुमार का पुतला फूंकने लगे, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर दिया। पुतले को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक खींचतान होती रही, लेकिन पुलिस ने किसी भी स्थिति में पुतला फूंकने नहीं दिया। स्थिति बिगड़ने से पहले पुलिस ने पुतले को मौके से हटवा दिया, जिससे बड़ा टकराव टल गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर हापुड़ नगर कोतवाली नगर में तैनात इंस्पेक्टर ओम प्रकाश तालान को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर भारत सरकार से सख्त हस्तक्षेप की मांग की गई। साथ ही पटना की छात्रा से जुड़े मामले को बेटियों के सम्मान से जोड़ते हुए कड़ी नाराजगी जताई गई। के पी सिंह का कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज और देश के लिए नकारात्मक संदेश देती हैं और इन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने ज्ञापन को संबंधित उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रही।
ज्ञापन सौंपने वालों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, जो न केवल वहां के समाज बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए नकारात्मक संदेश दे रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि भारत सरकार के स्तर से बांग्लादेश को स्पष्ट और सख्त संदेश दिया जाए, ताकि अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार रोके जा सकें।
इसके साथ ही ज्ञापन में पटना से जुड़े एक विवादित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया। आरोप लगाया गया कि बिहार में एक छात्रा के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार हुआ, जिससे आहत होकर उसे राज्य छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी घटनाएं बेटियों की गरिमा और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
ज्ञापनकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हस्तक्षेप किया जाए और संबंधित राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो। उनका कहना था कि देश के लिए बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर उनके आत्मसम्मान से समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। हापुड़ कोतवाली प्रभारी ने मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन स्वीकार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई उच्च स्तर से होने की बात कही गई है।




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