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छात्रवृत्ति आवेदनों के लंबित रहने से सीएम डैशबोर्ड पर पिछड़ा जिला, 2804 विद्यार्थी अब भी भुगतान का इंतजार कर रहे


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

जिले में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के 2804 छात्र-छात्राएं अभी तक छात्रवृत्ति की राशि मिलने की प्रतीक्षा में हैं। बड़ी संख्या में आवेदन शैक्षिक संस्थानों के स्तर पर सत्यापन न होने के कारण अटके हुए हैं, जिसका असर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में जिले की रैंकिंग पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं का संचालन पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन कराया जाता है। इसके बाद संबंधित शिक्षण संस्थान और जनपद स्तरीय छात्रवृत्ति समिति द्वारा आवेदनों की जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाती है। अंतिम चरण में शासन द्वारा धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

आंकड़ों के अनुसार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रगति रिपोर्ट में अक्तूबर माह के दौरान जनपदीय समिति द्वारा 48.26 प्रतिशत आवेदनों का निस्तारण किया गया था, जो नवंबर में बढ़कर 61.83 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके विपरीत शैक्षिक संस्थानों की कार्यप्रणाली में गिरावट देखी गई। अक्तूबर में जहां संस्थानों द्वारा 57.93 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन किया गया था, वहीं नवंबर में यह प्रतिशत घटकर 42.10 प्रतिशत रह गया।

इसी कारण अक्तूबर माह में प्रदेश स्तर पर चौथे स्थान पर रहने वाला जनपद नवंबर में 63वें पायदान पर पहुंच गया। नवंबर माह की रैंकिंग में जिले को इस योजना के तहत 10 में से केवल चार अंक प्राप्त हुए।

अनुसूचित जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में भी जिले की स्थिति कमजोर रही। अक्तूबर में जहां जनपद को प्रदेश में तीसरी रैंक मिली थी, वहीं नवंबर में यह 29वें स्थान पर खिसक गई। अक्तूबर में शैक्षिक संस्थानों द्वारा 64.59 प्रतिशत आवेदनों का निस्तारण किया गया था, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा घटकर 62.18 प्रतिशत रहा।

सामान्य वर्ग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में जिले को 10 में से तीन अंक मिले और सी ग्रेड प्रदान किया गया। इस योजना में अक्तूबर माह में 52 प्रतिशत आवेदनों के निस्तारण के चलते जनपद प्रदेश में सातवें स्थान पर था, लेकिन नवंबर में केवल 35 प्रतिशत आवेदनों के निस्तारण के कारण जिले की रैंक 63वीं दर्ज की गई।

मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गौतम ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में संबंधित छात्रवृत्ति योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई है। दिसंबर माह में शैक्षिक संस्थानों में लंबित पड़े आवेदनों का बड़ी संख्या में सत्यापन कराया गया है, जिससे आने वाले समय में विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा। दोनों संबंधित विभागों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।