HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की दिशा में पहल शुरू की है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अधिकारियों को किसी भी संपत्ति का पूरा इतिहास तुरंत देखने की सुविधा मिलेगी, जिससे मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि यह कदम डेटा प्रबंधन को सुदृढ़ करने, पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। बैठक में ईवाई टीम ने एक ऐसी प्रणाली का प्रदर्शन किया, जिसमें स्थायी जानकारी को सुरक्षित रूप से दर्ज करने और गूगल फॉर्म आधारित तकनीक के जरिए स्थल स्तर पर बदलने वाले डेटा को संग्रहित करने की प्रक्रिया शामिल है।
डिजिटाइजेशन के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्राधिकरण ने तीन माह के लिए पांच अतिरिक्त डेटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्त करने की अनुमति दी है। साथ ही, प्रॉपर्टी अधिकारी को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस प्रणाली के जरिए यह जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी कि किसी संपत्ति का पंजीकरण किसके नाम है, अब तक कितनी बार उसका लेन-देन हुआ है और किन तारीखों में उसका हस्तांतरण किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से अनियमितताओं पर नियंत्रण और फर्जीवाड़े की संभावना में कमी आएगी।
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